उज्जैन में पुलिस आरक्षक की बेटी का अपहरण: सीसीटीवी में कैद हुई सनसनीखेज वारदात

लोकमत सत्याग्रह/ उज्ज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लालबाई-फूलबाई मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस विभाग में पदस्थ एक आरक्षक की 19 वर्षीय बेटी का बिना नंबर की कार से अपहरण कर लिया गया। हालांकि, अपहरण की इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई ही थी कि सोशल मीडिया पर युवती का एक वीडियो वायरल हो गया,

25 सेकंड में वारदात: सीसीटीवी में कैद हुई घटना

यह घटना मंगलवार, 29 सितंबर 2026 की रात करीब 8:00 बजे की है। युवती अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी अचानक एक बिना नंबर की काले रंग की कार वहां आकर रुकी।

  • कार से उतरे दो युवकों ने युवती को जबरन गाड़ी में खींचना शुरू कर दिया।
  • सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि युवती के परिजन और आसपास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े और कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
  • आरोपियों ने परिजनों को धक्का दिया और महज 25 सेकंड के भीतर युवती को कार में खींचकर तेजी से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और मुख्य आरोपी की पहचान

परिजनों की शिकायत पर उज्जैन की जीवाजीगंज थाना पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कीं।

  • मुख्य संदिग्ध: पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान उज्जैन के उर्दू पूरा निवासी ध्रुव कुमावत के रूप में की है।

इस हाई-प्रोफाइल अपहरण मामले के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें युवती मुख्य आरोपी ध्रुव कुमावत के साथ नजर आ रही है।

  • युवती का दावा: वीडियो में युवती ने दावा किया है कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वह अपनी मर्जी से ध्रुव के साथ आई है। उसने बताया कि वे दोनों पिछले कई सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और उन्होंने शादी कर ली है।
  • सीसीटीवी पर सफाई: सीसीटीवी फुटेज में दिख रही खींचतान पर सफाई देते हुए युवती ने कहा कि उसकी बहन ने उसका हाथ पकड़ रखा था और वह गाड़ी में बैठने की कोशिश कर रही थी, जिसके कारण ऐसा लगा कि उसे जबरदस्ती ले जाया जा रहा है। वीडियो में जोड़े ने परिजनों से सहयोग की अपील की है और कहा कि वे जल्द ही पुलिस या कोर्ट के सामने पेश होंगे।

पुलिस का बयान: कोर्ट में बयान के बाद ही साफ़ होगी तस्वीर

वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद उज्जैन पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। जीवाजीगंज थाना प्रभारी के अनुसार, चूंकि मामला पुलिस कर्मचारी की बेटी के अपहरण से जुड़ा है और एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसलिए पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। पुलिस का कहना है कि युवती को दस्तयाब (बरामद) करने के बाद न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे, जिसके बाद ही मामले की वास्तविक सच्चाई और कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

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