Nana Patekar को बहुत पसंद था मध्‍य प्रदेश, मई में चंबल में की थी फिल्‍म ‘शक्ति शालिनी’ की शूटिंग

लोकमत सत्याग्रह /उनका मध्य प्रदेश से पुराना नाता था, उन्होंने राज्य में कई जाने-माने प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की थी। नाना की अभी तक रिलीज़ नहीं हुई फिल्म, ‘शक्ति शालिनी’, जो अब उनकी आखिरी फिल्म मानी जाएगी। इसकी शूटिंग भी कथित तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में हुई थी।

एंटरटेनमेंट डेस्‍क। जाने माने दिग्‍गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। गुरुवार को गोवा में उनके घर पर 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, जिससे पूरा बॉलीवुड सदमे और उदासी में है। नाना पाटेकर को उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और ज़बरदस्त डायलॉग डिलीवरी के लिए जानते और पसंद करते थे। बॉलीवुड के इस दिग्‍गज एक्टर का एक ऐसा पहलू भी था जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे। उनका मध्य प्रदेश से पुराना नाता था, उन्होंने राज्य में कई जाने-माने प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की थी।

नाना की अभी तक रिलीज़ नहीं हुई फिल्म, ‘शक्ति शालिनी’, जो अब उनकी आखिरी फिल्म मानी जाएगी। इसकी शूटिंग भी कथित तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में हुई थी, जिसमें ग्वालियर, दतिया और मुरैना शामिल हैं। यह फिल्म 2027 में थिएटर में रिलीज़ होने वाली है।

मई में आए थे एमपी

नाना इस साल मई में फिल्म की शूटिंग के लिए MP आए थे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि उन्होंने अपनी मौत से पहले शूटिंग का अपना हिस्सा पूरा कर लिया था। मध्य प्रदेश टूरिज्म के अधिकारियों के मुताबिक, ग्वालियर, दतिया और मुरैना को शूटिंग लोकेशन के तौर पर चुना गया था, क्योंकि फिल्म की सेटिंग पर चंबल के बीहड़ों और वहां रहने वाले डाकुओं का असर बताया जाता है।

फिल्म टूरिज्म (MP टूरिज्म बोर्ड) के डिप्टी डायरेक्टर राम कुमार तिवारी ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि, “‘शक्ति शालिनी’ की शूटिंग करीब 20-25 दिन चली थी। नाना को मध्य प्रदेश बहुत पसंद था।”

2010 में राजनीति की शूटिंग की थी

वह इससे पहले 2010 में प्रकाश झा की डायरेक्ट की हुई पॉलिटिकल ड्रामा ‘राजनीति’ की शूटिंग के लिए भोपाल आए थे। इस फिल्म में पॉलिटिकल परिवारों के पाॅवर स्ट्रगल को दिखाया गया था, जिसमें नाना ने अहम रोल निभाया था।

1990 में की थी ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएं’ की शूटिंग

राज्य से उनके कनेक्शन में नर्मदापुरम जिले के पॉपुलर हिल स्टेशन पचमढ़ी में शूटिंग से जुड़ा स्टे भी शामिल था। उन्होंने पचमढ़ी में ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएं’ फिल्माई थी। यह फ़िल्म 1990 में रिलीज़ हुई थी।

एक दशक बाद, वह 2000 में रिलीज़ हुई क्राइम थ्रिलर ‘तरकीब’ के लिए हिल स्टेशन लौटे। इन प्रोजेक्ट्स ने न सिर्फ़ उनकी फ़िल्मों की लिस्ट में और जान डाली, बल्कि पचमढ़ी को हिंदी सिनेमा के लिए एक खास बैकग्राउंड के तौर पर बनाने में भी मदद की, जिसमें एक एक्टर के तौर पर नाना के ज़बरदस्त रोल ने फ़िल्मों की मास अपील और बॉक्स-ऑफ़िस पर कमाई में इज़ाफ़ा किया।

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